Anandmath (आनंदमठ)

Bankimchandra
-
9788193886649
Vani Prakashan
उपन्यास

बंकिमचन्द्र बंगला के महान् साहित्यकार थे, जिन्हें अपने जीवन काल में ही अपार ख्याति प्राप्त हो गई थी |

More details

Rs.63/-

M.R.P.: Rs.70

You Save: 10% OFF

बंकिमचन्द्र बंगला के महान् साहित्यकार थे, जिन्हें अपने जीवन काल में ही अपार ख्याति प्राप्त हो गई थी | उनके इस प्रसिद्ध उपन्यास ने तो उन्हें यश के शिखर पर पहुँचा दिया था | वही ‘आनन्द मठ’ आपके हाथों में है, जिसे गौरव का एक ऐसा अभूतपूर्व स्थान प्राप्त हुआ कि उसका ‘वंदेमातरम्’ नामक गीत ‘राष्ट्रगीत’ बन गया, और आज़ादी के संघर्ष में जूझ रहे नौजवानों के होंठों पर गुनगुनाने लगा | यही वह पहला उपन्यास है, जिसमें बंकिमचन्द्र ने अंग्रेज़ों की सत्ता को चुनौती देने वाले क्रान्तिकारियों की शौर्य-गाथा लिखी, और देशवासियों को यह एहसास दिलाया कि आज़ादी उनका जन्म सिद्ध अधिकार है, जिसे पाकर ही दम लेना चाहिए |

  • AuthorBankimchandra
  • Translator-
  • Edition1st/2014
  • Pages112
  • Weight (in Kg)0.136
  • LanguageHindi
  • BindingPaperback

No customer reviews for the moment.

Write a review

Anandmath (आनंदमठ)

Anandmath (आनंदमठ)

बंकिमचन्द्र बंगला के महान् साहित्यकार थे, जिन्हें अपने जीवन काल में ही अपार ख्याति प्राप्त हो गई थी |

Related Products